Rajasthan TGT Hindi Syllabus: RPSC Grade 2 Teacher

Rajasthan TGT Hindi Syllabus (RPSC Grade 2 Teacher )

राजस्थान में TGT को Grade 2 teacher  के नाम से भी जाना जाता है। इन पदों पर भर्ती के लिए 2 पेपर RPSC के द्वारा आयोजित कराए जाते हैं। जिसमें पेपर 1 सभी विषयों के अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होता है। 
 
PAPER - II
HINDI

अंक. 180
(माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर)
(अ) वर्ण विचार - स्वर व व्यंजनों के प्रकार - प्रयत्न और स्थान की दृष्टि से ।
शब्द विचार - तत्सम, तद्भव, देशज व विदेशी शब्द |
विकारी शब्द - संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रियाओं के भेद एवम् उदाहरण |
अविकारी शब्द - अव्यय के भेद व उदाहरण ।
वाक्य रचना - वाक्य में शब्दों के कम, वाक्य भेद, आश्रित उपवाक्य के भेद व उदाहरण |
शब्द रचना - समास, संधि, उपसर्ग व प्रत्यय के भेद ।
शब्द ज्ञान - पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, अनेकार्थ शब्द, समानोच्चारित शब्द (युग्म - शब्द), वाक्यांश के लिए एक शब्द |
शुद्ध लेखन - वर्तनी की शुद्धता और वाक्यगत अशुद्धियों का सुधार ।
भाषा ज्ञान - मुहावरे व कहावतें, अपठित गद्यांश/पद्यांश आधारित प्रश्न ।
राष्ट्रभाषा, राजभाषा, खड़ी बोली/देवनागरी लिपि के सुधार का इतिहास । 

(आ) माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजसथान, अजमेर के नवीनतम सत्र के माठ्यक्रम में समाहित समस्त रचनाकारों से बारहवीं तक अनिवार्य हिन्दी एवं ऐच्छिक हिन्दी की समस्त पद्य एवं गद्य रचनाओं का मसावेश पाठ्यक्रम में हर किया जाएगा।

Part - (ii)
अंक - 80
स्नातक स्तरीय हिन्दी भाषा का ज्ञान -
शब्द शक्तियों के भेद व उदाहरण। 
काव्य की रीतियाँ, काव्य गुण, काव्यदोष (श्रुतिकटुत्व, ग्राम्यत्व, अप्रतीत्व, क्लिष्टत्व, अकमत्व तथा दुष्कमत्व)
अलंकार - श्लेष, यमक, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, विभावना, असंगति, संदेह, भ्रांतिमान, विरोधाभास व मानवीकरण ।
छंद - द्रुतविलम्बित, हरिगीतिका, कवित्त, सवैया, दोहा, सोरठा व चौपाई ।
रस - रस का स्वरूप तथा रसावयव। 

(आ)
  • हिन्दी साहित्य के इतिहास का नामकरण, कालविभाजन, प्रमुख प्रवृत्तियाँ एवं रचना व रचनाकार ।
  • हिन्दी भाषा का उद्भव एवं विकास, हिन्दी एवं उसकी बोलियों का सामान्य परिचय ।
  • कबीर ग्रन्थावली - साखी - प्रथम 5 अंग एवं 10 पद (सम्पादक श्यामसुन्दर दास)
  • तुलसीदास - रामचरितमानस (बालकाण्ड)
  • सूरदास - भ्रमरगीतसार (प्रथम 20 पद - रामचन्द्र शुक्ल)
  • मीराबाई - मीरां पदावली (प्रथम 20 पद - परशुराम चतुर्वेदी)
  • बिहारी रत्नाकर - (प्रथम 20 दोहे)
  • सूर्यमल्ल मिश्रण – वीर सतसई (प्रथम 20 दोहे)
  • रामधारी सिंह दिनकर - कुरूक्षेत्र (प्रथम सर्ग)
  • जयशंकर प्रसाद – कामायनी (आनन्द सर्ग)
  • अज्ञेय - असाध्य वीणा (आँगन के पार द्वार' से)
  • आचार्य रामचन्द्र शुक्ल – (चिन्तामणि - भाग-1 केवल उत्साह, श्रद्धा, भक्ति, लोभ और प्रीति)
  • मोहन राकेश - लहरों के राजहंस

कहानियाँ
'उसने कहा था' चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
'जहाँ लक्ष्मी कैद है ' राजेन्द्र यादव
'एक और जिन्दगी' मोहन राकेश
'परिन्दे' निर्मल वर्मा

Part - (iii)
अंक- 40
हिन्दी विषय शिक्षण विधियाँ -
  • इकाई विधि
  • व्याकरण -
  • सैनिक विधि
  • अनुवाद विधि
  • दूरस्थ शिक्षण
  • पर्यवेक्षित अध्ययन विधि
  • अभिकमित अनुदेशन विधि
  • अनुकरणात्मक विधि
  • प्रत्यक्ष विधि
  • द्विभाषी पद्धति
  • ध्वन्यात्मक विधि
  • वाचन-विधि
  • आगमन-निगमन विधि
  • रसास्वादन विधि
  • भाषा - संसर्ग विधि
  • साहचर्य विधि
  • प्रदर्शन विधि
  • दल-शिक्षण विधि
  • व्यतिरेकी विधि
  • समवाय विधि
  • सूत्र विधि
  • भाषा शिक्षण यंत्र - उपकरण विधि
  • व्याख्यान - विधि
  • श्रुतलेखन - अभ्यास विधि
  • भाषा - प्रयोगशाला विधि
  • हरबर्टीय विधि
(आ) भाषा शिक्षण के प्रमुख शिक्षण-कौशल, सूक्ष्म शिक्षण योजना, इकाई पाठ योजना की अवधारणा एवं प्रारूम का व्यावहारिक ज्ञान, शिक्षण सहायक सामग्री का कक्षा शिक्षण में उपयोग, भाषा शिक्षण में सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन।

For the competitive examination for the post of senior teacher :-
1 The question paper will carry maximum 300 marks.
2 Duration of question paper will be Two Hours Thirty Minutes.
3 The question paper will carry 150 questions of multiple choices.
4 Paper shall include following subjects carrying the number of marks as shown against them :-

(i) Knowledge of Secondary and Sr. Secondary Standard about relevant subject matter. - 180 Marks
(ii) Knowledge of Graduation Standard about relevant subject matter. - 80 Marks
(iii) Teaching Methods of relevant subject. 40 Marks

Total 300 Marks
5 All questions carry equal marks.
6 There will be Negative Marking.

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